अगर आपने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरे बिना नए साल के जश्न में डूबे हैं तो आपको इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. दरअसल, जिन लोगों ने अब तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है उन्हें 31 दिसंबर यानी आज रात 12 बजे तक 5000 रुपये के जुर्माने के साथ भरना है. अगर आप यह रिटर्न 12 बजे के बाद भरते हैं, तो लेट फाइलिंग के लिए लगने वाले जुर्माने की राशि बढ़ जाएगी. जुर्माने की नई राशि 10 हजार रुपये होगी. यानी आपको अतिरिक्त 5 हजार रुपये का नुकसान होगा. अगर आप छोटे टैक्सपेयर हैं और आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है तो फिर आपको अधिकतम 1,000 रुपये तक का ही जुर्माना चुकाना होगा.
दरअसल, वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आईटीआर भरने का एक्सटेंडेड ड्यू डेट 31 अगस्त, 2018 था. लेकिन कई ऐसे लोग थे जो आईटीआर फाइल करने से चूक गए. ऐसे लोगों के लिए अंतिम तिथि बीतने के बाद भी लेट फाइन के साथ आयकर रिटर्न फाइल करने का ऑप्शन मिला है. यह नियम असेसमेंट ईयर 2018-19 से लागू हुआ है. बता दें कि फाइनेंशियल ईयर के बाद के साल को असेसमेंट ईयर कहा जाता है.
पहले जुर्माने की राशि कैसे होती थी तय
इससे पहले, विलंब से आईटी रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना कितना होगा, यह असेसी अधिकारी तय करता था. हालांकि, बजट 2017 में इनकम टैक्स ऐक्ट में एक नया सेक्शन जोड़कर उसमें संशोधन किया गया. इस संशोधन के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इनकम टैक्स फाइल करने की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद रिटर्न फाइल करता है, तो इस स्थिति में 10 हजार रुपये तक का अधिकतम शुल्क लगेगा. हालांकि, शुल्क कितना होगा, यह विलंब की अवधि पर निर्भर करेगा.
कहते हैं कि बिग बॉस का विनर बनने का रास्ता किचन से होकर जाता है. पिछले सीजन्स की लेडी विनर ने ये धारणा सही साबित की है. दीपिका की यही किचन स्ट्रैटिजी श्रीसंत पर भारी पड़ी. महिला वर्ग में दीपिका कक्कड़ की फैंन फॉलोइंग में इजाफा हुआ. दीपिका के घरेलू महिला कार्ड ने उन्हें जिताने में मदद की. श्रीसंत, कई टास्क में शामिल नहीं हुए. तमाम मौकों पर उन्हें देखकर लगता था कि वो लोगों से कट रहे हैं. दूसरी अहम बात यह रही कि आम कंटेस्टेंट को लेकर श्रीसंत का सेलिब्रिटी रवैया भी उनके खिलाफ गया.
श्रीसंत की एक आदत ऑडियंस को सबसे खराब लगी. शायद इसी बैड बॉय इमेज ने उन्हें ट्रॉफी से दूर रखा. श्रीसंत ने शो में कई बाद कॉमनर कंटेस्टेंट को नीचा दिखाया. वे हर बात पर सेलेब्रिटी स्टेट्स दिखाते थे. उन्हें घमंडी, बिगड़ैल और बदतमीज भी कहा गया. क्रिकेटर ने दीपक को एक बार खुद को नौकर तक कह दिया था. कई बार कंटेस्टेंट की सोशल स्टेटस को लेकर ऐसा कमेंट किया गया, जिसे वोट करने वाला हिंदी पट्टी के आम दर्शक ने बिल्कुल पसंद नहीं किया होगा.
दरअसल, वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आईटीआर भरने का एक्सटेंडेड ड्यू डेट 31 अगस्त, 2018 था. लेकिन कई ऐसे लोग थे जो आईटीआर फाइल करने से चूक गए. ऐसे लोगों के लिए अंतिम तिथि बीतने के बाद भी लेट फाइन के साथ आयकर रिटर्न फाइल करने का ऑप्शन मिला है. यह नियम असेसमेंट ईयर 2018-19 से लागू हुआ है. बता दें कि फाइनेंशियल ईयर के बाद के साल को असेसमेंट ईयर कहा जाता है.
पहले जुर्माने की राशि कैसे होती थी तय
इससे पहले, विलंब से आईटी रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना कितना होगा, यह असेसी अधिकारी तय करता था. हालांकि, बजट 2017 में इनकम टैक्स ऐक्ट में एक नया सेक्शन जोड़कर उसमें संशोधन किया गया. इस संशोधन के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इनकम टैक्स फाइल करने की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद रिटर्न फाइल करता है, तो इस स्थिति में 10 हजार रुपये तक का अधिकतम शुल्क लगेगा. हालांकि, शुल्क कितना होगा, यह विलंब की अवधि पर निर्भर करेगा.
कहते हैं कि बिग बॉस का विनर बनने का रास्ता किचन से होकर जाता है. पिछले सीजन्स की लेडी विनर ने ये धारणा सही साबित की है. दीपिका की यही किचन स्ट्रैटिजी श्रीसंत पर भारी पड़ी. महिला वर्ग में दीपिका कक्कड़ की फैंन फॉलोइंग में इजाफा हुआ. दीपिका के घरेलू महिला कार्ड ने उन्हें जिताने में मदद की. श्रीसंत, कई टास्क में शामिल नहीं हुए. तमाम मौकों पर उन्हें देखकर लगता था कि वो लोगों से कट रहे हैं. दूसरी अहम बात यह रही कि आम कंटेस्टेंट को लेकर श्रीसंत का सेलिब्रिटी रवैया भी उनके खिलाफ गया.
श्रीसंत की एक आदत ऑडियंस को सबसे खराब लगी. शायद इसी बैड बॉय इमेज ने उन्हें ट्रॉफी से दूर रखा. श्रीसंत ने शो में कई बाद कॉमनर कंटेस्टेंट को नीचा दिखाया. वे हर बात पर सेलेब्रिटी स्टेट्स दिखाते थे. उन्हें घमंडी, बिगड़ैल और बदतमीज भी कहा गया. क्रिकेटर ने दीपक को एक बार खुद को नौकर तक कह दिया था. कई बार कंटेस्टेंट की सोशल स्टेटस को लेकर ऐसा कमेंट किया गया, जिसे वोट करने वाला हिंदी पट्टी के आम दर्शक ने बिल्कुल पसंद नहीं किया होगा.
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